सूर्य हैं ग्रहों के राजा, इनके विषय में वे बातें जिन्हें जानना चाहिए
ज्योतिष और हिंदू धर्म में सूर्य का बड़ा महत्व है। मान्यता है कि ये एक निश्चित गति से चलते रहते हैं और इन्हीं की ऊर्जा से धरती पर जीवन चलता है। आइये जानते हैं सूर्य से संबंधित खास बातें..
सूर्य को ग्रहों का राजा (interesting fact about sun) माना जाता है। इन्हें पिता का दर्जा दिया गया है। सूर्य को आत्मा भी माना गया है। सूर्य ग्रह प्रत्येक महीने राशि का परिवर्तन करता है, इस दिन को सक्रांति कहा जाता है।
सभी सक्रांति का फल विभिन्न प्रकार का होता है। विशेष रूप से धनु और मीन मास की सक्रांति के समय मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। सूर्य देव जब धनु राशि में रहते हैं तो उसे खरमास कहा जाता है और जब मीन राशि में रहते हैं तो उसे मीन मास मलमास कहा जाता है।
सूर्य ग्रह को अन्य नामों से भी जाना जाता है(Sury Ke Nam)
सूर्य के 12 नाम प्रसिद्ध हैं। सूर्य, वीर, नारायण, तपेंद्र, भास्कर, दिवाकर, हिरण्यगर्भ, खगेश, मित्र, ओमकार, सूरज, दिनेश, आदित्य, दिनकर, रवि, भानु, प्रभाकर, दिनेश आदि। भगवान सूर्य के पास 6 अस्त्र-शस्त्र होते हैं। सूर्य अस्त्र, चक्र, गदा, कमल, शंख और त्रिशूल।
भगवान सूर्यदेव सप्त श्वेत अश्व पर यात्रा करते हैं। भगवान सूर्य के सारथी अरुण देव होते हैं। सात छन्द इनके अश्व हैं। सातों अश्व के नाम गायत्री, वृहति, उष्णिक, जगती, त्रिष्टुप, अनुष्टुप और पंक्ति हैं। इनके रथ का आकार 9 हजार योजन है। 18 हजार योजन का ईषा-दण्ड (जुआ और रथ के बीच का भाग) है। इसका धुरा डेढ़ करोड़ सात लाख योजन लम्बा है, जिसमें पहिया लगा हुआ है। सूर्य भगवान की माता आदिति और पिता महर्षि कश्यप हैं। सूर्यदेव दो यान में यात्रा करते हैं, उत्तरायण और दक्षिणायन तथा विमुक्त नामक एक तीसरा मार्ग भी होता है।
सूर्य ग्रह के रत्न
सूर्य ग्रह का वैसे मुख्य रतन माणिक माना जाता है परंतु माणिक के भी उप रत्न बताए गए हैं। उसमें लालड़ी तामड़ा और महसूरी रत्न प्रमुख माने जाते हैं।
जल चढ़ाएं
ज्योतिषाचार्य पंडित निलेश शास्त्री के अनुसार सूर्य ग्रह के दुष्प्रभाव से बचने के लिए अपने बराबर वजन के गेहूं, लाल पीले रंग के वस्त्र, लाल मिठाई, गाय का गुड़ ब्राह्मण को विधिवत संकल्प करके दान करें। प्रतिदिन पूर्व सूर्य को जल देना चाहिए। आदित्य हृदय स्त्रोत, राम रक्षा स्त्रोत का पाठ और आदित्य के 12 नाम का जप करें।
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